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डिस्टलरी पर होगी कार्रवाई, निरीक्षण में मिलीं खामियां

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अधिकारियो के संयुक्त निरीक्षण में मंसूरपुर की सर शादी लाल डिस्टलरी के प्लांट में खामियां मिली हैं। डिस्टलरी का एक प्लांट काफी समय से बंद पड़ा है, जबकि जो चल रहा है उसके मानक पूरे नहीं मिले है। डिस्टलरी को शून्य डिस्चार्ज की अनुमति है, लेकिन यहां से केमिकलयुक्त पानी नाले के जरिए निकाला जा रहा है। इस पानी में बीओडी, सीओडी के साथ हार्डनेस की मात्रा अधिक मिली है। इसकी रिपोर्ट संयुक्त टीम ने राष्ट्रीय हरित अभिकरण के सुपुर्द की है।

सर शादी लाल डिस्टलरी के खिलाफ ग्रामीण विनीत त्यागी ने शिकायत के साथ राष्ट्रीय हरित अभिकरण (एनजीटी) में वाद दाखिल कर रखा है। एनजीटी ने वाद में सुनवाई से पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच कर आख्या मांगी है। इसके चलते केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक कमलेश सिंह, कुलदीप सिंह और क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह, अवर अभियंता विपुल कुमार ने संयुक्त रूप से डिस्टलरी का निरीक्षण किया। निरीक्षण में डिस्टलरी में 100 किलोलीटर की क्षमता का प्लांट बंद मिला है, जबकि दूसरा प्लांट 150 किलोलीटर की क्षमता का संचालित है। डिस्टलरी को शून्य डिस्चार्ज की अनुमति है, यानी एक बूंद पानी भी बाहर नहीं निकालेगी। जितना पानी इस्तेमाल होगा उसको शोधित किया जाएगा। ऐसा पूर्ण रूप से होता नहीं मिला है। यहां नाले के जरिए केमिकलयुक्त पानी को काली नदी में डाला जा रहा है। इस पानी में केमिकल आक्सीजन डिमांड (सीओडी) 2382 मिलीग्राम प्रतिलीटर और बायो केमिकल डिमांड (बीओडी) 1268 मिलीग्राम प्रतिलीटर, टीडीएस-1828, पीएच-4.5 की मात्रा मिलीग्राम प्रति लीटर मिली है, जो मानकों के विपरीत है। ऐसे में संयुक्त टीम ने डिस्टलरी ईसीपीआइएनआरएसएलएफ के तहत लाल सूची में रखते हुए 30 हजार रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगाने की संस्तुति कर एनजीटी को रिपोर्ट सौंपी है। संस्तुति की गई जुर्माने की रकम 32. 40 लाख रुपये बन रही है।



फिलहाल एनजीटी ने मामले में दो फरवरी की तिथि लगाई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि अभी जुर्माना लगा नहीं है, केवल उसकी संस्तुति कर एनजीटी को रिपोर्ट दी गई है। जुर्माना और कार्रवाई संबंधित अंतिम निर्णय न्यायालय करेगी। संयुक्त निरीक्षण में जो कमियां मिली थीं, उनकी रिपोर्ट सौंपी गई है। इन्होंने कहा..

डिस्टलरी के खिलाफ कुछ लोग बेबुनियाद शिकायत कर रहे हैं। जुर्माना लगाए जाने संबंधित अभी कोई आदेश नहीं मिले हैं। प्रकरण की सुनवाई चल रही है, जिसमें दो फरवरी की तिथि लगी है। इसमें डिस्टलरी भी अपना पक्ष रखेगी।

-सुनील जैन, प्रशासनिक प्रबंधक, सर शादी लाल डिस्टलरी।


source : Jagran.com

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